सुनो दस्तूर ए मोहब्बत भी अपना लिया हमने..
अजी आप आईये सजदे मे सर झुका लिया हमने..

मोहब्बत का उसूल जब मिटना है तो मिट जाते है..
चलो हम फकीर हुए आपको खुदा बना लिया हमने..

#रोहित

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दफन से कुछ किस्से है वफा के साथ साथ
कुछ दूर हम भी चले है हवा के साथ साथ

ख्वाबो मे झूमती मोहब्बतो की टोलियां
फिजा आकर चली गई खिजा के साथ साथ

तेरे आने की खुशी मनाउं या जाने का गम
चलते रहे जलते रहे अपनी खता के साथ साथ

जुगनू सी ख्वाहिश क्यूँ रखता है ए रोहित
वो जीता है मिटता है समा के साथ साथ

तेरे जाने का कोई किस्सा तो बता दिया होता
सुलगते अरमां बुझा दिया होता या जला दिया होता

जिस जिगर मे खून बनके दौडा करता था तू
उसको जता दिया होता या रजा दिया होता

ये सफर ये राहे ये बाते ये शहरा ये दास्तां उफ्फ
दिल भी दफना दिया होता या उसे भूला दिया होता

वो नादानी वो कसमकस वो उल्फत वो चाहत
खता को जाहिर किया होता या सजा दिया होता

बेफिक्र जलते रहे जिस जुस्तजू मे ता उम्र रोहित
उसे सुना दिया होता या खुद को मिटा दिया होता

#रोहित